विकासात्मक विकार से प्रभावित बच्चों के जीवन कौशल में गुणात्मक सुधार के लिए थेरेपी और पुनर्वास सेवा अतिआवश्यक
*विकासात्मक विकार से प्रभावित बच्चों के जीवन कौशल में गुणात्मक सुधार के लिए थेरेपी और पुनर्वास सेवा अतिआवश्यक*
विकासत्मक विकार, आटिज्म एवं अतिचंचलता से प्रभावित बच्चों के प्रबंधन में थेरेपी और पुनर्वास की विभिन्न तकनीक अत्यंत ही लाभकारी होता है | ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और विशेष शिक्षा के माध्यम से इन बच्चों में गुणात्मक सुधार संभव होता है | यह बातें आज नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार परिसर में संचालित नारायण केयर बाल पुनर्वास केंद्र पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में वाराणसी, उत्तरप्रदेश से आमंत्रित वरिष्ठ ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट डॉक्टर अनिमेष कुमार ने कही | इस प्रशिक्षण कार्यशाला में ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट, फ़िज़ियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरापिस्ट, विशेष शिक्षक, पुनर्वास विशेषज्ञ, आटिज्म एवं अतिचंचलता से प्रभावित बच्चों के अभिभावकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए | यह प्रशिक्षण कार्यशाला दो सत्रों में संचालित किया गया जिसमे पहले सत्र में बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ बच्चे की समस्यायों के प्रबंधन पर चर्चा की गयी तथा दुसरे सत्र में पुनर्वास विशेषज्ञों को थेरेपी एवं पुनर्वास के उन्नत तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया | प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम सत्र में केंद्र प्रभारी एवं पुनर्वास विज्ञान संकाय के डीन डॉक्टर अवनीश रंजन ने बताया कि नारायण केयर के माध्यम से विकासत्मक विकार से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है |
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