डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना हुआ साकार -- डॉ. सत्यप्रकाश तिवारी

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना हुआ साकार -- डॉ. सत्यप्रकाश तिवारी

  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के महान राष्ट्रवादी नेता, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे. उनका मानना था कि भारत एक राष्ट्र है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. जम्मू - कश्मीर के संदर्भ में उन्होंने प्रसिद्ध नारा दिया था ---- " एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे " उस समय जम्मू - कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त था, जिसका उन्होंने विरोध किया था. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक महान राष्ट्रवादी नेता हीं नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति, शिक्षा और समाज के गौरव भी थे. उन्होंने बंगाल के विकास, हिन्दू समाज की सुरक्षा और भारत की अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया. श्रीमुखर्जी बंगाल को भारत की सांस्कृतिक, बौद्धिक और राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र मानते थे . वे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय राष्ट्रवाद को साथ - साथ मजबूत देखना चाहते थे. उन्होंने बंगाल के विभाजन के समय हिन्दू बहुल क्षेत्रों को भारत में बनाए रखने की जोरदार वकालत की. उनका मानना था कि यदि ऐसा नहीं होता, तो पूरा बंगाल पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश ) में जा सकता था. वे शिक्षा और बौद्धिक विकास को बहुत महत्व देते थे. कम उम्र में हीं वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकत्ता के कुलपति बने और शिक्षा सुधारों पर काम किया . उनका विचार था कि बंगाल को राष्ट्रीय एकता, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक गौरव में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए. वे तुष्टिकरण की राजनीति के आलोचक थे और समान नागरिकता तथा मजबूत राष्ट्रीय नीति के पक्षधर थे. उनकी राजनीति में बंगाल केवल एक राज्य नहीं था, बल्कि भारतीय सभ्यता और राष्ट्रवाद का एक प्रमुख केंद्र था. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चाहते थे कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी राजनीति मजबूत हो और भारत की एकता बनी रहे. पिछले कुछ वर्षों में ममता बनर्जी सरकार द्वारा एक विशेष वर्ग के तुष्टिकरण का जैसा नंगा नाच देखा गया था उसका अंत हो गया. पश्चिम बंगाल की स्थिति बांग्लादेश जैसा ममता सरकार ने कर दिया था, हिन्दू अपने आपको असुरक्षित महसूस करने लगे थे, हिन्दू महिलाओं की अस्मिता खतरे में पड़ गई थी. आज पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह के नेतृत्व में बनी है, इसलिए यह कहना अक्षरशः सत्य होगा की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना आज साकार हुआ है. - लेखक भारतीय जनता पार्टी ( बिहार ) चिकित्सा प्रकोष्ठ के सह - संयोजक

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