सरकारी नीतियों के सच्चे क्रियान्वयनकर्ता के रूप में प्रशासनिक अधिकारियों की निर्णायक भूमिका* --विजय कुमार सिन्हा

सरकारी नीतियों के सच्चे क्रियान्वयनकर्ता के रूप में प्रशासनिक अधिकारियों की निर्णायक भूमिका* --विजय कुमार सिन्हा


बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी. उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों के सच्चे क्रियान्वयनकर्ता के रूप में प्रशासनिक अधिकारियों की निर्णायक भूमिका होती है । 
विकास के रोडमैप को सही मायने में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक ले जाने में लोकसेवक की निष्ठा का महत्वपूर्ण योगदान होता है। आज राज्य और देश के सभी लोकसेवकों को सामूहिक रूप से 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांत का अनुभव प्रत्येक नागरिक को कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। 

  श्री सिन्हा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की राह में देश को अभी लंबा सफर तय करना है। इसके लिए सतत रूप से समावेशी विकास और प्रभावी शासन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता, ईमानदारी और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इसमें हमारे सिविल सेवकों का प्रतिबद्ध प्रयास अहम हो जाता है । 

श्री सिन्हा ने आगे कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के 'नागरिक देवो भव' के विजन से प्रेरणा लेकर प्रशासनिक अधिकारी अपने अधिकारों का उपयोग हर वंचित को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में करें। एक लोकसेवक का यह दायित्व है कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे। इसके लिए आजादी के बाद से बीते करीब आठ दशकों से कई संवैधानिक और प्रशासनिक पहल हुए हैं । आने वाले दिनों में भी ऐसे कई नवाचार होंगे, जिनमें सिविल सेवकों के अनुभव, सुझाव और सक्रिय भागीदारी का समावेश होना चाहिए । प्रशासनिक तंत्र में आ रही खामियों को भी दूर करना आज की जरूरत है । इसके लिए तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य और बढ़ती जनाकांक्षाओं को देखते हुए आज सरकारी कर्मचारियों को अपने कौशल को निरंतर उन्नत करने और भविष्य के लिए तैयार रहने की कोशिश करनी चाहिए ।

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