राजगीर मलमास मेला आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम : डॉ. प्रेम कुमार

राजगीर मलमास मेला आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम : डॉ. प्रेम कुमार

बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राजगीर में आयोजित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के मलमास मेले में अपने परिवार सहित सहभागिता की। उन्होंने सपरिवार प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में पवित्र कुंड में स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य एवं देश की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली तथा जनकल्याण के लिए विभिन्न देवी-देवताओं से प्रार्थना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजगीर का मलमास मेला सनातन संस्कृति,धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना का विश्वविख्यात केंद्र है। यह मेला देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करता है। कहा जाता है कि मलमास मेला को शुभ व्यवस्थित करने का काम मगध के तात्कालिक चक्रवर्ती सम्राट महाराज जरासंध ने शुरू कराया था। भक्ति और कुश्ती दोनों उनके जीवन में प्रिय और अभिन्न अंग था। महाराज जरासंध की नगरी राजगीर में मलमास अवधि में सारे देवी देवता आकर निवास करते हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास के दौरान राजगीर के पवित्र कुंडों में स्नान, दान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में सभी देवी-देवता राजगीर में निवास करते हैं और श्रद्धापूर्वक की गई आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि लाखों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। 
राजगीर केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आयोजन स्थल पर स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने, तंबाकू निषेध तथा धार्मिक अनुष्ठानों को श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ संपन्न करने का आग्रह किया। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराते हैं।

0 Response to "राजगीर मलमास मेला आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम : डॉ. प्रेम कुमार"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2