रहस्यवादी कवि,समाज सुधारक और "कबीर पंथ" के संस्थापक संत कबीर जी के प्राकट्य दिवस पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटि कोटि नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की

रहस्यवादी कवि,समाज सुधारक और "कबीर पंथ" के संस्थापक संत कबीर जी के प्राकट्य दिवस पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटि कोटि नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की

रहस्यवादी कवि,समाज सुधारक और "कबीर पंथ" के संस्थापक संत कबीर जी के प्राकट्य दिवस पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटि कोटि नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाने वाले संत कबीर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों में समान रूप से लोकप्रिय हैं। उनके "दोहे" अनुराग सागर, कबीर ग्रंथावली, बीजक व साखी ग्रंथ जैसी अमर कृतियां आध्यात्मिक, वैचारिक, सामाजिक और धार्मिक समरसता की अलख जगाती हैं। उनकी कालजयी रचनाएं सिख धर्म ग्रन्थ "गुरु ग्रंथ साहिब" में भी सम्मिलित हैं। उनके द्वारा स्थापित "कबीर पंथ" आज भी धार्मिक सहिष्णुता और सौहार्द की परंपरा को आगे बढ़ाने हेतु समर्पित है।

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