विश्व धरोहर शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक इनलेट नहर के पुनर्जीवन की उठी मांग, मानवाधिकार एसोसिएशन ने डीएम को सौंपा विस्तृत ज्ञापन
सासाराम (रोहतास) भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, नई दिल्ली की रोहतास जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष इंजीनियर नवीन सिन्हा के नेतृत्व में नवपदस्थापित जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका पुष्पगुच्छ, अभिनंदन-पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंटकर स्वागत किया। इस दौरान संगठन ने जनहित एवं विरासत संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विश्व धरोहर शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक इनलेट नहर के पुनर्जीवन और समग्र विकास के लिए विस्तृत ज्ञापन सौंपा। बैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े कार्यों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्व धरोहर शेरशाह सूरी रौजा देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है, जहां प्रतिवर्ष हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। रौजा परिसर के चारों ओर बने जलाशय में स्वच्छ जल प्रवाह बनाए रखने के लिए ऐतिहासिक रूप से इनलेट और आउटलेट नहरों का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में फजलगंज मोड़ से बैंक कॉलोनी होते हुए रौजा तक जाने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक इनलेट नहर अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। संगठन ने बताया कि वर्ष 2017-18 में इस नहर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 7.46 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन यह परियोजना अपने उद्देश्य के अनुरूप पूरी नहीं हो सकी। संस्था ने योजना के क्रियान्वयन, व्यय और जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर नई कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि नहर का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए, वैज्ञानिक तरीके से जल प्रवाह बहाल किया जाए तथा दोनों किनारों पर दो लेन संपर्क मार्ग, वॉकिंग ट्रैक, हरित पट्टी, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और आकर्षक सौंदर्यीकरण विकसित किया जाए। साथ ही इस मार्ग को शेरशाह सूरी रौजा तक पहुंचने वाले एक वैकल्पिक पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। संगठन का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से विश्व धरोहर शेरशाह सूरी रौजा का ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रहेगा, जलाशय में स्वच्छ जल प्रवाह बहाल होगा, प्रदूषण एवं दुर्गंध की समस्या समाप्त होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा शहर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर स्थल निरीक्षण कराने तथा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की। संस्था ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से यह योजना सासाराम की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ पर्यटन और विकास का नया अध्याय लिखेगी।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष इंजीनियर नवीन सिन्हा, मीडिया प्रभारी अधिवक्ता संजय तिवारी, विधि सचिव ज्योति कुमार, पत्रकार निरंजन तिवारी, डॉ. उमेश कुमार, महिला संरक्षण प्रमुख प्रज्ञा सिन्हा, आरती कुमारी तथा अधिवक्ता अरुण कुमार पांडेय सहित संस्था के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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