बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने 'विश्व आदिवासी दिवस' पर समस्त प्रदेशवासियों और जनजातीय समाज को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 23 दिसंबर 1994 को स्थापित यह दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है

बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने 'विश्व आदिवासी दिवस' पर समस्त प्रदेशवासियों और जनजातीय समाज को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 23 दिसंबर 1994 को स्थापित यह दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है

बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने 'विश्व आदिवासी दिवस' पर समस्त प्रदेशवासियों और जनजातीय समाज को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 23 दिसंबर 1994 को स्थापित यह दिवस आदिवासी समुदायों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है।जनजातीय समाज का जीवन प्रकृति के साथ समन्वय और अटूट साहस का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक उनके नायक अतुलनीय रहे हैं। इस वर्ष 2026 की थीम "आदिवासी दाइयों का सम्मान: जीवन और कल्याण की रक्षा" (Honouring Indigenous Midwives: Safeguarding Life and Well-being) है,जो हमारी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों और मातृ-शिशु देखभाल में जनजातीय महिलाओं के अमूल्य योगदान पर केंद्रित है।

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