मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन की समीक्षा बैठक संपन्न

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन की समीक्षा बैठक संपन्न

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन की समीक्षा बैठक संपन्न
*-संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश*
मुख्य सचिव महोदय श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान उद्योग विभाग, जो इस कार्य हेतु नोडल विभाग है, द्वारा समग्र प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन के विभिन्न पहलुओं, Phase–1 की प्रगति तथा Phase–2 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव महोदय ने Phase–1 के अंतर्गत चिन्हित सभी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शीघ्र प्रगति करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि Phase–1 के सभी प्राथमिकता क्षेत्रों में जल्द से जल्द प्रगति सुनिश्चित करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति करें।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि उपरोक्त प्रासंगिक विषय के संबंध में केन्द्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय, भारत सरकार के Deregulation Cell द्वारा Compliance Reduction एवं Deregulation Phase–II के अंतर्गत चिन्हित प्राथमिकता क्षेत्रों पर जून 2026 तक कार्य पूर्ण किया जाना है। इस क्रम में Deregulation Cell द्वारा कुल 28 प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं जिनकी प्रगति पर मुख्य सचिव महोदय द्वारा विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया।

मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिया कि Phase–II के अंतर्गत सभी संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में अधिनियम, नियम एवं नीतियों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रियात्मक सुधारों की दिशा में कार्य करें तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरविभागीय समन्वय, कार्यों का समेकन एवं प्रगति की सतत निगरानी उद्योग विभाग द्वारा की जाएगी।

कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन के माध्यम से राज्य में Ease of Doing Business (EoDB) एवं Ease of Living को बढ़ावा मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप आर्थिक गतिविधियों एवं नए व्यवसायों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा अनुपालन लागत में कमी आएगी। साथ ही, उत्पादकता एवं सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि होगी, विभिन्न उद्योगों को क्षेत्र-विशिष्ट लाभ प्राप्त होंगे, निवेश आकर्षण एवं प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी तथा उद्यमों को अधिक परिचालन स्वतंत्रता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री लोकेश सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार तथा पर्यटन विभाग के सचिव श्री निलेश देवरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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