मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' के साथ की उच्च स्तरीय समीक्षा
बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज आगामी मानसून और वर्तमान 'हीट वेव' (लू) की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) द्वारा वर्ष 2026 के मानसून पूर्वानुमान और तापमान की प्रवृत्तियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
समीक्षा के दौरान मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि 1 मार्च से 27 अप्रैल 2026 के बीच राज्य के विभिन्न अंचलों (Zones) में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है:
• सर्वाधिक तापमान: दक्षिण-पश्चिमी (SW) और दक्षिण-मध्य (SC) जोन में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
• वर्तमान स्थिति: 27 अप्रैल को शाम 4:00 बजे तक राज्य के कई हिस्सों में पारा उच्च स्तर पर रिकॉर्ड किया गया। 27 अप्रैल से 05 मई 2026 तक के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।
• दिन-रात का तापमान: विभिन्न अंचलों (NW, NC, NE, SW, SC, SE) में दैनिक तापमान (Diurnal Temperature) की गहन निगरानी की जा रही है।
बैठक में 'दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026' को लेकर चिंताजनक आंकड़े साझा किए गए:
• कम वर्षा की संभावना: बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष जून और जुलाई के महीनों में 'सामान्य से कम' (Below Normal) वर्षा होने की संभावना है।
• अगस्त-सितंबर: मानसून के उत्तरार्ध में स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन शुरुआती महीनों में बारिश की कमी कृषि और जल संचयन के लिए चुनौती बन सकती है।
• क्षेत्रीय प्रभाव: उत्तर-पूर्वी (NE) और दक्षिण-पूर्वी (SE) बिहार के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के मध्य और पश्चिमी भागों में वर्षा की कमी अधिक देखी जा सकती है।
पूर्वानुमान और बढ़ते तापमान को देखते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
1. पेयजल की उपलब्धता: हीट वेव और कम बारिश की स्थिति में भू-जल स्तर गिरने की संभावना को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को सभी चापाकलों और नल-जल योजनाओं की चालू स्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
2. स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट: लू से होने वाली बीमारियों और 'सनस्ट्रोक' के मामलों से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में विशेष वार्ड और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लगातार सिवल सर्जिन के साथ बैठक करें |
3. जन-जागरूकता: बिहार मौसम सेवा केंद्र के 'BMSK' ऐप और अन्य माध्यमों से किसानों और आम जनता तक सटीक मौसम पूर्वानुमान पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
4. नियमित मॉनिटरिंग: मुख्य सचिव ने कहा कि अगले एक सप्ताह (27 अप्रैल से 05 मई) तक तापमान और बारिश के पैटर्न पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार रखा जाए।
5. निर्बाध बिजली आपूर्ति: गर्मी के कारण बढ़ते लोड के बावजूद राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से जलापूर्ति योजनाओं (नल-जल) के पंप चलाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर बिजली दी जाए। लू के दौरान ट्रांसफार्मर जलने या तार टूटने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हेतु हर प्रमंडल में विशेष 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) तैनात की जाए। तकनीकी खराबी को न्यूनतम समय में ठीक करने का लक्ष्य रखें।
6. पशुधन सुरक्षा और चिकित्सा: लू की स्थिति में पशुओं को 'हीट स्ट्रोक' से बचाने के लिए सभी पशु चिकित्सालयों में जीवन रक्षक दवाओं और ओआरएस (ORS) का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। पशुओं के पीने के पानी के लिए सार्वजनिक हौदों और तालाबों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें। जहाँ आवश्यकता हो, वहां टैंकरों के माध्यम से पशुओं के लिए पानी पहुँचाया जाए।
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