कैमूर और रोहतास की माटी का लाल जापान में बढ़ाएगा देश का मान: बीएचयू के प्रो. विनोद तिवारी अंतरराष्ट्रीय 'ACGG 2026' सम्मेलन में आमंत्रित
भभुआ/सासारामबिहार के कैमूर और रोहतास जिले की माटी से निकले काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रोफेसर विनोद कुमार तिवारी ने वैश्विक पटल पर क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है। प्रो. तिवारी को जापान के सुकुबा (Tsukuba) शहर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 15वें एशियन कम्युनिटी ऑफ ग्लाइकोसाइंस एंड ग्लाइकोटेक्नोलॉजी (ACGG 2026) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर 'आमंत्रित वक्ता' (Invited Speaker) व्याख्यान देने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।यह प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन 3 से 6 अक्टूबर 2026 तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (AIST), सुकुबा, जापान में आयोजित होने जा रहा है।जड़ों से जुड़ाव: कैमूर-रोहतास में खुशी की लहरप्रो. तिवारी का पैतृक और पारिवारिक जुड़ाव बिहार के कैमूर और रोहतास जिलों से है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विज्ञान के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचने की उनकी यह यात्रा क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जापान से आए इस अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण के बाद उनके गृह जनपद कैमूर और रोहतास में उनके शुभचिंतकों, ग्रामीणों और रिश्तेदारों के बीच हर्ष का माहौल है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर बिहार की मेधा का लोहा एक बार फिर दुनिया में मनवाया है।कैंसर और टीबी की दवाओं पर चल रहा है शोधप्रो. विनोद कुमार तिवारी कार्बोहाइड्रेट केमिस्ट्री और ड्रग डिस्कवरी (औषधि खोज) के क्षेत्र में दुनिया के जाने-माने वैज्ञानिक हैं। जापान के इस बड़े मंच पर वे गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर और टीबी) के इलाज के लिए तैयार की जा रही आधुनिक औषधीय प्रणालियों और ग्लाइकोकॉन्जुगेट्स से जुड़े अपने नवीनतम वैज्ञानिक आविष्कारों को दुनिया भर के वैज्ञानिकों के सामने रखेंगे।अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की धमकग्लाइकोसाइंस के क्षेत्र में 'ACGG' एशिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक मंच माना जाता है, जिसमें भारत, जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया और कोरिया सहित कई देशों के शीर्ष वैज्ञानिक शामिल होते हैं। इस वैश्विक महाकुंभ में बिहार की माटी के लाल को आमंत्रित किया जाना पूरे देश के विज्ञान जगत के लिए गौरव की बात है।उपलब्धियों से भरा रहा है करियरस्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल प्रो. विनोद तिवारी ब्रिटेन की प्रतिष्ठित 'रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री' (FRSC), लंदन के फेलो भी हैं। वे अब तक दुनिया भर में 350 से अधिक वैज्ञानिक व्याख्यान दे चुके हैं।
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