सुरक्षा में निवेश बढ़ाने की जरूरत : प्रेम व्रत
नई दिल्ली, 1 जून। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), धनबाद के प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो प्रेम व्रत ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सुरक्षा और संरक्षा पर निवेश बढ़ाने की जरूरत है। दुर्भाग्य से जो जरूरी है, वही उपेक्षित है। जिस तेजी से हादसे बढ़ रहे हैं, प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाएं हो रही हैं, यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो काफी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
प्रो प्रेम व्रत यहां ओखला स्थित एनबीसीसी सेंटर में आईआईटी, धनबाद और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (आईआईएसएसएम) के संयुक्त तत्वावधान में 'दुर्घटनाओं की लागत बनाम संरक्षा- सुरक्षा निवेश' विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में देश के चुनिंदा सुरक्षा- संरक्षा और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर साइबर विद्यापीठ के मार्गदर्शक बालाजी वेंकटेश्वर ने कहा कि आज साइबर का अपराध सिर्फ हमारी कमाई पर डाका नहीं डाल रहा बल्कि समूचे मानव प्रजाति के अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन से लेकर, पोर्ट- एयरपोर्ट, अस्पताल से लेकर शिक्षा- परीक्षा, यहां तक की हमारे परिवहन के संसाधनों पर भी हैकर्स की नजर है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। साइबर सुरक्षा आज की प्रमुख समस्या है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेशी हथियार से युद्ध नहीं जीता जा सकता। इसके लिए अपना हथियार बनाना पड़ेगा।
आईआईएसएसएम के सीईओ और जाने माने आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रो संतोष कुमार ने कहा कि आपदा और प्राकृतिक गतिविधियों में देश का तीन प्रतिशत संसाधन हर साल बर्बाद होता है। साथ ही जान- माल की हानि भी होती है। उचित प्रबंधन से इसे रोका जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों से आपदा प्रबंधन के प्रति सरकार की सजगता बढ़ी है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
पांच दिवसीय कार्यशाला में साइबर सुरक्षा, न्यूक्लियर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण, रिस्क मैनेजमेंट, आपदा प्रबंधन, खनन सुरक्षा, बदलते सुरक्षा कानूनों का उन्मूलन और शमन आदि विषयों पर विषय विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। कार्यशाला का संचालन आईआईटी, धनबाद के प्रो सतीश कुमार सिन्हा ने किया।
0 Response to "सुरक्षा में निवेश बढ़ाने की जरूरत : प्रेम व्रत"
एक टिप्पणी भेजें